मैं क्या सोच रही कैसे ख्याल से जुड़ी।
अंतिम बात जो हुई उन विचारों में पड़ी।।
जिस तस्वीर को अनगिनत चुम्बन दिए।
उनके बदले में क्या मिला सोचती खड़ी।।
आईना मेरी नजरों में देखकर मुस्कुराता।
मेरा दुपट्टा खिसकता मैं बेसुध सी खड़ी।।
ढीली पड़ती नब्ज को कौन आकर कसे।
क्षीण होती शक्ति उनके आगोश में खड़ी।।
चाहती तुम्हारी श्वास से अपनी श्वास भरूं।
और ख्वाब में 'उपदेश' एक चुंबन को खड़ी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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