वो मेरे सपनों में आने लगा है,
धीरे-धीरे दिल चुराने लगा है,
क्या कहूं उसकी हरकतों का,
अब वो मुझे भाने लगा है...।।
वो मेरे सपनों आके...
मीठे - मीठे गीत गुनगुनाने लगा है,
चूड़ियों की खनखनाहट से,
मेरी कलाईयों में चूड़ी पहनाने लगा है,
क्या कहूं उसकी शरारतों का,
उसकी शरारतें तड़पाने लगा है...।।
चांद से नूर चुरा के लाने लगा है,
माथे पर बिंदिया सजाने लगा है,
गुलाब के पंखुड़ियों को लाकर,
होठों पे लाली लगाने लगा है,
झूलने के लिए झूला मेरे संग
कानों में झुमके पहनाने लगा है,
क्या कहूं उसके बारे में,
वो खुद मेरा शृंगार करने लगा है...।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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