हम रोज स्कूल को जाते है,
और शिक्षक हमे पढ़ाते है।
शिक्षक हमको देते ज्ञान,
दूर करते हमारा अज्ञान।
हमें सिखाते अच्छी बाते,
हमें अच्छा इंसान बनाते।
दूर करते है अँधियारा
और फैलाते है उजियारा।
शिक्षक हमे सिखाते जीना,
रोज बहाते संग पसीना।
पार लगाते सबकी नैया,
बन जाते हमारे खिवैया।
शिक्षक करते उपकार है,
उनको नमन बारंबार है।
शिक्षक ज्ञान का सागर है,
ज्ञान की भरते गागर है।
लेखक :- पंकज
रोहिणी सैक्टर 21 दिल्ली


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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