ओ राहगीर तु , इन राहों मे न गिरना ...
तुझे तो सारी राहों मे चलना फिरना हैं,
ऐसे ना हार मान लेना , क्योंकि हमे तो
पुरी राह ऐसे ही चलना , मत डरना रास्ते में
देख के मुश्किलों को, इन मुश्किलों के आगे
अपनी जीत का शौर हैं ये तो |

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ओ राहगीर तु , इन राहों मे न गिरना ...
तुझे तो सारी राहों मे चलना फिरना हैं,
ऐसे ना हार मान लेना , क्योंकि हमे तो
पुरी राह ऐसे ही चलना , मत डरना रास्ते में
देख के मुश्किलों को, इन मुश्किलों के आगे
अपनी जीत का शौर हैं ये तो |
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