रुनझुन रुनझुन पायल बोले
जब मां हमारी हंसते हुए आएं
नैन कजरारे कमाल कर जाए
जब मां हमारी नैन खोलें
कानों में कुंडल हार टीका
अदभुत चैन दिल को जीता
मन को हरने वाली साड़ी
कंगन चूड़ी नथिया बोले
मन की शांति मां जगदम्बे
देखे बिना मां को चैन ना पड़े
मन करे दिन भर निहारें
लेकर आईं मां प्यार ढेर सारे
दिल की चेतना जागृत हो जाए
जब मां हमारी मंद-मंद मुस्कुराएं
मन में ये ख्याल आए
मां के आगे नत मस्तक हो जाएं
मां की छवि अद्भुत निराली
मां भर देतीं हैं झोली खाली
बहुत करुणामयी ममतामयी
दयालु हैं माँ शेरावाली
मां से झोली भर-भर आशीर्वाद पाएं
जिंदगी भर मां के गुण गाएं
शीश अपना हम सब नवाएं
जीवन को सफल,कृतार्थ बनाएं
रुनझुन रुनझुन पायल बोले
जब मां हमारी हंसते हुए आएं
नैन कजरारे कमाल कर जाए
जब मां हमारी नैन खोलें
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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