(बाल कविता)
फूलों ने खुशबू फैलाई
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गीतसुबह-सुबह जब सूरज आया ।
चिड़ियों ने संगीत सुनाया ।।
पौधे झूमे, कलियाँ डोलीं
जीव जन्तु ने आंखें खोलीं
हवा सुगंधित भाने वाली
सबकी नींद उड़ाने वाली
थोड़ी सी कसरत करने पर
लगती बदली-बदली काया ।
सुबह-सुबह जब सूरज आया ।।
प्रातकाल ने डाला डेरा
कहीं खो गया घना अंधेरा
नील गगन मस्ती में झूमें
अरुणोदय का माथा चूमें
रोम-रोम में फूल-फूलते
कुदरत ने जीवन महकाया ।
सुबह-सुबह जब सूरज आया ।।
किरणों का जब आलस भागा
धरती का कण-कण तब जागा
जोश भर गया सबके तन में
नई उमंगें जागीं मन में
फूलों ने खुशबू फैलाई
पत्ता-पत्ता भी लहराया ।
सुबह-सुबह जब सूरज आया ।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'
उज्ज्वल सदन
मुंशी खेड़ा,(अपोजिट एस-169
ट्रांसपोर्ट नगर), एल.डी.ए. कालोनी,
लखनऊ-226012
मो: 07071793707
ईमेल : ujjwal226009@gmail.com


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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