आसमाँ की ऊँचाई
छूने में यूँ मस्त न हो जाना,
कि लौटकर ज़मीं पर आना ही भूल जाओ।
ख़्वाबों को याद दिलाते रहना
अपनी जड़ों की गहराई,
क्योंकि इन्हीं से मुकम्मल
तुम्हारा जहां है।
यदि इन्हें तोड़कर चले गए
तो थककर
किसकी गोद में सिर रखकर सोओगे?
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







