कि तू ख़ूबसूरत है, बहुत मगर कहना ज़रूरी नहीं है |
किसी और को मेरी जिंदगी में रहना जरूरी नहीं है |
आजमते हैं हर लोग एक बार अपनी मोहब्बत को ,
मेरा तुझे यूं अजमाना जरूरी नहीं है |
फ़ना हो जायेंगे लाखों तुझ पर ,
लेकिन मेरा तेरा हो जाने की कोशिश छोड़ना जरूरी नहीं है |
ज़रूरत को भी ज़रूरत होती है किसी की , लेकिन मेरा तेरी जरूरत मुझे शामिल हो जाना जरूरी नहीं है |
अगणित खुबसूरत होते हैं इस दुनिया में मगर, तुझ सा कोई खुबसूरत हो एसा जरूरी नहीं है
हम तेरी यादों में फ़ना हो जाते हैं, मगर तेरा यूं हमारी यादों में खोना ज़रूरी नहीं है |
जरूरत को भी कभी किसी की जरूरत पड़ती है मगर, मेरा तुझसे यूं मुंह मोड़ लेना जरूरी नहीं है |
तेरी तश्वीरों से बात करना तेरे पास होने का एहसास है
सूरत तो हर कोई देखता है मगर,
हमें तेरी सीरत से प्यार हो गया है
दुनिया में लाखों ऐसे लोग हैं मगर,
तुझसा कोई मिल जाए एसा जरूरी नहीं है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







