मनाओ ज़श्न की हम सब
विविधताओं में जी रहें हैं।
तो फ़िर चीज़ के लिए
आपस में लड़ रहें हैं।
है यह देश एक गुलदस्ता
इसमें भाती भाती के फूल
खिले हैं।
हम सब मिलकर रहें हैं।
जब सबने मिलकर
आज़ादी की लड़ाई लड़ी तो
फिर ये हंगामा क्यों है बरपा
क्यूं है इसका उसका मेरा तेरा।
भारत में रहने वाले सभी जनों का
भारत के कण कण पे अधिकार है।
सिर्फ़ एक धर्म मज़हब की बातें करना
बेकार है।
यहां सभी धर्मों का अपना स्थान है
यहां सभी धर्मों का सम्मान है
विविधताओं में भी कायम है
एकता यहां
तमाम उन्मादों के बाद भी..
यह देश बड़ा महान है
सभी को कोटि कोटि प्रणाम है..
यह देश बड़ा महान है...


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







