कहां हंसी आती है
कोई कहता है रुला कर ,आप हंसते नहीं ,जाने क्यों
उन्हें कैसे बताए धोखा खाने वाले को भला कहां हंसी आती है ||
खोने वाला ही जाने खो जाने का दर्द
दर्द ऐ आलम में भला कहां हंसी आती है ||
सफर में हमसफर साथ हो तो, राहें रोशन हो जाए
राहें अंधेरों में मुसाफिर को भला कहां हंसी आती है ||
तमाशा देखने वाले तो हंसते है सभी शान से मगर
तमाशा दिखाने वाले को भला कहां हंसी आती है ||
कोई हंस गया रंग रूप पर, कोई बेबसी पर मुस्कुरा गया
अपमान सहने वाले को भला कहां हंसी आती है ||
कोई सो लेता है बाप के बगीचे में सुकून ऐ चेन की नीद
बाली उम्र में जिम्मेदारी उठाने वाले को भला कहां हंसी आती है||
छत के साए में तो चिता भी जल जाती है खुशी खुशी
वो बारिश का मौसम गरजते बादल, छान टपकाने की चिंता में भला कहां हंसी आती है
नीटू मावी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







