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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

वृद्धाश्रम न भेजना

बच्चों!!
अस्पताल में
तुम्हें चुप कराने के लिए
रात भर,खड़े होकर
इधर उधर चलकर
अपनी बाहों में झूलाने का
मुआवजा, हमें नहीं चाहिए

हर कांटों को
तुम्हारे पांवों के करीब
आने से पहले,हटा देने की
कीमत, हमें नहीं चाहिए,

तुम्हारी खुशी के लिए
अपने सारे अरमानों का
गला घोंटने के बदले में
कुछ भी, हमें नहीं चाहिए,

तुम्हारे सामर्थ्य से
कमायी हुई दौलत का
एक पाई, हमें नहीं चाहिए,

बस,
जब हमारी बूढ़ी हड्डियां
जवाब देने लगे,
लाठी पर उंगलियों की पकड़
ढीली पड़ने लगे,
पुतलियां झुर्रियों के झरोखों से
झांकने लगे,तब
हमारे करीब आकर,
हथेलियां अपने हाथों में लेकर
चंद लम्हें, बातें करना
हम समझेंगे, यही हमारी
पूरे जीवन की कमाई है,

हमें वृद्धाश्रम मत भेजना
हमें वृद्धाश्रम मत भेजना!!


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (6)

+

जयश्री विलास जोधंळे said

जीवन की यथार्थ से जुडी ये रचना मनोज जी आपने बहुत अच्छा लिखा है इस रचना के माध्यम से बच्चे अपनी माँ बाप भावनाओ शायद समजले

वन्दना सूद said

हम समझेंगे, यही हमारी
पूरे जीवन की कमाई है,
बहुत सही कहा आपने sir आज की कड़वी सच्चाई है ये

सरिता पाठक said

अतिसुंदर रचना हर पंक्ति लाजबाब यथार्थ पर आधारित, भईया जी आपको इस रचना के पर्चे छपवाकर युवा वर्ग मे बटवाने चाहिए ताकि वह अपने बड़ों ki कद्र कर सकें, दिल छू लिया मैंने इस रचना को तीन बार पढ़ लिया हैमनोज भईया जी को सादर प्रणाम 🌹👌🙏

आलम-ए-ग़ज़ल - परवेज़ अहमद said

वाह! बहुत ख़ूब! बहुत ही बेहतरीन और बे-मिसाल रचना! कड़वी सच्चाई बयाॅं किया है आपने, मनोज जी! आदाब! 👌👌👏👏🙏😊

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

जयश्री जी, वन्दना जी, सरिता बहन, परवेज जी आप सभी को सादर प्रणाम 🙏🙏🌹🌹 आप सभी की सुंदर समीक्षा मेरे दिल की गहराई तक उत्तर जाती है। मुझे प्रेरणा मिलती है।आज की सुबह आप सभी के लिए एक नमी उपलब्धि का किरण लेकर आए!! इन्हीं शुभकामनाओं के साथ सादर सुप्रभात 🙏🙏

सुप्रिया साहू said

मां बाप बूढ़े हो जाते हैं तो उन्हें वृद्धाश्रम भेज देते है जबकि ऐसा करना गलत है, ये बात कड़वी पर सत्य है, बहुत सुंदर चित्रण किया है आपने आज की सच्चाई का👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

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