दुनिया भर की बात बनाना उनको आता है
दिन में ही तारे दिखलाना उनको आता है
झूठी सच्ची बात नहीं है उनका मक़सद तो
वादे कर के रोज रिझाना उनको आता है
महफिल में जो लोग उछलते हैं ज्यादा कुछ
उनको बाहर फिकवाना उनको आता है
ऊंची उनकी बाते हैं और ऊंचा शीश महल
गैरों पर पत्थर बरसाना उनको आता है
दास हमारे गम ज्यादा उनकी खुशी बढ़ाते हैं
झुंठे आंसू खूब बहाना उनको आता है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







