कितना छोटा लगता है
एक पल
पर सदियों से चलता
कभी भी ठहरता नहीं है
गुजरता है
पर कभी महसूस नहीं होता
घड़ी में भी नहीं दीखता I
एक पल में जन्म
एक पल में मृत्यु
एक पल हवा में
एक पल में लाखों ख्वाब
खाक हो जाते हैं I
एक पल में नई
दुनिया बन जाती है
एक पल में मिट जाती है।
एक पल में दुख अनन्त
एक पल में सुख अनन्त।
खत्म होता नही
कभी सिलसिला
एक पल का
क्योंकि
एक पल ही सत्य है
एक ही आदि है
एक पल ही अंत है
और एक पल ही
इतिहास
वर्तमान
भविष्य है और
एक पल ही
अमर है
अनन्त है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







