ये दिल कभी भी उदास ना होता,
अगर मैं तुम्हारे पास ना होता,
थोड़ी दूरी करते करते,
तुम इतने दूर हो गए,
एक दिन भी गुजरता नहीं,
अगर वो तुम्हारे साथ,
मेरे भीतर प्रेम का लिबास ना होता,
मेरे मन का,
तुम्हारी यादों से ज़रा भी त्रास ना होता,
दिन के उजाले में करवट लेने का अंदाज ना होता,
रात में जागने का मुझमें ये आदती मिजाज ना होता,
मैं उन कागजों को निगल गया हूं,
जो तुम्हारे करीब रखने को भेजें,
मगर तुमसे मिलने को मेरी चाह का हाथ ना होता,
मैं खुद से कभी उदास के साथ ना होता।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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