जिंदगी तेरे इरादों को खूब समझते हैं ।
एक हाथ में खुशी दूजे में गम रखतें हैं।
इतनी चोटें खाई दिल पर अपनें हीं
दिलदारों से कि.....
ज़ख्मों से नहीं बल्कि अपने हीं लोगों से
डरते हैं।
रहतें हैं हम अब होश में
होतें नहीं मदहोश अब
जोश मेरा था जो होश मेरा था
वह जानें कहां खो गया
देखते देखते मेरा नसीब और किसी का
हो गया।
अब ना खुशी की इल्तेज़ा है
ना किसी की चाह है
जिंदगी तू मुझको लाख सता ले
फिरभी ना लबों पे आह है।
एक रास्ता बंद हो जाता तो
अनेकों रास्तों की भरमार है
जीवन गम का गुलदस्ता नहीं
अपितु खुशियों की बहार है
जो तेरा था नहीं वो तुझको मिला नहीं
देख तेरे हिस्से वाला तेरे लिए तैयार है।
उठ देख तेरे लिए भी किसी की
आंखों में प्यार है
जिंगगी के सफ़र में तू अकेला नहीं
तू भी किसी की संसार है
तेरे लिए भी किसी के दिल में प्यार है....
तू भी किसी का प्यार है
जिंदगी सिर्फ़ धोखा नहीं
खुशियां भरी ऐतबार है।
जिंदगी गम के बदल नहीं
प्यार भरी बरसात है
उठ बढ़ देख तू भी
किसी की इंतज़ार है
तेरे लिए भी किसी के दिल में
इज़्ज़त प्यार दुलार है..
इज़्ज़त प्यार दुलार है...


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







