सुप्रभात प्रिये,
आपकों पता है अपना रिश्ता आवाज़ नहीं माँगता,
बस एहसास बनकर साथ चलता …
आज की सुबह भी
उसी ख़ामोश मोहब्बत ने पैगाम भेजा,
जो बिना कहे सब समझ में आ गया...
मेरा दिन ही नही बल्कि आपका दिन भी,
सुकून के साथ, उम्मीद और
मीठी सी मुस्कान से भरा रहे।
हमारे आपके रिश्ते में मजबूरी बिल्कुल नही,
बस एक सफर का हिस्सा बना
और 'उपदेश' आपका हो गया।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







