सरकार अभी भी पिछले कालों में चल रहीं हैं,
जनता आज की है पर पुराने वादो में उलझ रहीं है,
जनता जो चाहती है,
इनसे होता नहीं है,
इनके पर्चे चर्चा में है,
हकीकत में कहीं भरे नहीं है,
नियमों में ही उलझ गया देश,
ये सुधार की मशक्कत तो चिरकाल से ही चल रही हैं।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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