जिस दिन
मोहब्बत की बातें
लोगों की समझ में आ जायेंगी,
खतम हो जायेगी,
मोहब्बत की इबादत,
सिमटकर रह जायेगी
इसकी अनंत खुशबू
लोगों की समझ के दायरे में,
छोटी हो जायेगी
पावन एहसासों की
अलौकिक दुनिया,
उथले हो जायेंगे
अद्भुत अनुभवों के
अनंत गहरे सागर,
मुरझा जायेंगे
हृदय की चंचलता,
कोमलता, निश्छलता के
खिले उपवन, क्योंकि तब
लोगों के मन का उत्कर्ष,
स्वयंभू संघर्ष,भावी विमर्श,
आंसुओ में विराजित हर्ष,
सारी उत्कंठांए, विव्हलताएं,
अविष्कार की भावनाएं,
खतम हो जायेंगी,
इसीलिए मोहब्बत को
पूरा न समझें, यही,
सबसे बड़ी समझदारी है।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







