रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
मुश्किल हैं हालात तू घबराना मत,
टूट कर कहीं, तू बिखर जाना मत,
फिर आएगी बहार, पतझर जाएगा,
रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
बुरे दौर में मेरा साथ छोड़ने वालों,
मुझसे रिश्ते-नाते सब तोड़ने वालों,
तकलीफ़ों का सैलाब उतर जाएगा,
रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
ये रास्ता जीवन का, है काँटों भरा,
चल रहे कदम पे कदम, ज़रा-ज़रा,
ये ज़ख्म एक दिन तो भर जाएगा,
रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
पी कर खून के आँसू, मैं जी गया,
अपने हाथों अपना ज़ख्म सी गया,
दुश्मन सोचते थे, अब मर जाएगा,
रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
बुरे वक्त में, मैं करता रहा संघर्ष,
अब सारा संसार देखेगा ये उत्कर्ष,
मंजिल मिलेगी वहीं जिधर जाएगा,
रफ़्ता-रफ़्ता ये वक्त गुजर जाएगा,
सब ठीक होगा, सब सुधर जाएगा।
🖊️सुभाष कुमार यादव


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







