रुकने नहीं देना कदमों को
हर कदम पर लोग मिलेंगे
कुछ रोकेंगे तुम्हें
कुछ टोकेंगे तुम्हें
कुछ तुम्हें छोड़कर आगे निकल जाएँगे
तो कुछ तुमसे पीछे भी रह जाएँगे
पर कोई विरला ही होगा जो तुम्हारे साथ चलेगा ..
अकेले रह भी जाओ कभी
पर चलते चलना,दौड़ते रहना
तुम रुकना नहीं ,किसी से डरना नहीं
अपने लक्ष्य की राह बनाते जाना
ढूँढते रहना उजाला जीत का
अँधियारा जैसा भी होगा,सवेरा ज़रूर लेकर आएगा ..
-वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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