वीरान हो गई जिंदगी किसी एक के चले जाने से,
न जाने कितने सपने सजाए थे,
इस दुनिया में आ जाने से,
सुनसान रहती है अब हर पल हर दिन,
क्योंकि ले गई एक हस्ती खेलती जिंदगी को अपने साथ,
अब वह नहीं रहे इस दुनिया में लेकिन,
हमेशा रहेंगे अपने अल्फाजों में जिंदा,
देती रहेगी उनकी कविताएं हमेशा सबको सिख,
क्योंकि वह किसी परमात्मा से कम नहीं,
करते हैं हम प्रार्थना ईश्वर से
आप जहां कहीं भी हैं रहें हमेशा खुश....।।
भावपूर्ण श्रद्धांजली🌸💐🌼
आदरणीय अशोक कुमार पचौरी “आर्द्र” महोदय जी🙏🙏🙏
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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