मेरी बातों को, गौर,जरा कर के तो देख
मुझे खुशियों से सराबोर,जरा करके तो देख!
वक्त अपनी जाया किये खूब आज तक
फिर भी वक्त बाकी है,सुधर के तो देख!
कदमों तले होगी,सारा आसमान एक दिन,
अपनी पंखों में हौसला, जरा भर के तो देख!
जिंदा कर दूंगा सारे,बूझे अरमान तेरे
आ,मुझ पर थोड़ा सा, मर के तो देख!
पिता हूं, तुम्हें, तुम से ज्यादा जानता हूं,
मेरी आंखों में एक बार,उतर के तो देख!
तेरे बढ़ते हर कदम पर ही मेरा दम है
घुटनों पर दे बल जरा, उठकर तो देख!
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







