इनायत है रब की
रौनक है घर की
चहेती है सबकी
फूल सी लड़की
सुबह-शाम चहकती
आसमान में उड़ती
कभी बोझ नहीं होती
मन को लुभाती
फूल सी लड़की
ताज है मां-बाप के सर की
राज है मां-बाप के खुशी की
खुशियां समेटे है ज़माने भर की
हंसी लुटाती भर-भर की
फूल सी लड़की
हिम्मत कभी नहीं हारती
होती है थोड़ी शरारती
मां-बाप को दिन भर निहारती
परियों सी चमकती
फूल सी लड़की
हिम्मत सबकी बढ़ाती
सब पर प्यार लुटाती
अपनी परवाह न करती
भाई-बहन मम्मी-पापा
अपना-पराया
सबका ख्याल रखती
फूल सी लड़की
दादा जी ,दादी जी
नाना जी,नानी जी
सभी अपनों की
खबर रखती
फूल सी लड़की
सबके चेहरे पर
खुशी देती
रौनक है घर की
फूल सी लड़की
जीवन उन्नत कर देती
चारो ओर रोशन करती
हर तरफ़ खुशबू बिखेरती
घर को स्वर्ग बनाती
इबादत है ख़ुदा की
फूल सी लड़की
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







