नई नई है हमारी यह अरज जरा सुनिए
लाइलाज है दिल का मरज जरा सुनिए
कहो तो कदमों में सर रख सजदा करें
खुदा है मुहब्बत की तरफ जरा सुनिए
क्या यहाँ हासिल हुआ इस बेवफाई से
वफा से मिलता है ये सनम जरा सुनिए
कभी कभी तो हमें भी दे दीजिए मौका
हमें भी कुछ तो रहेगा भरम जरा सुनिए
दास अब इम्तहान बार बार क्यूँ अपना
है दिल में गहरा राज दफन जरा सुनिए।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







