सँभल सँभल कर चलते हुए भी गिर गए।
सँभालने वाले के लिए तरसे मजबूर हुए।।
मोहब्बत सस्ती समझकर खरीदी न गई।
मोहब्बत करने वाले भी 'उपदेश' दूर गए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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सँभल सँभल कर चलते हुए भी गिर गए।
सँभालने वाले के लिए तरसे मजबूर हुए।।
मोहब्बत सस्ती समझकर खरीदी न गई।
मोहब्बत करने वाले भी 'उपदेश' दूर गए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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