मिलती है कहां मंजिल
मोहब्बत में सभी को, मिलती है कहां मंजिल
नसीब में नहीं हो तो, मिलती है कहां मंजिल
यूं तो उगता है ये सूरज आसमां में रोजाना
इस धूप की आंधी में मिलती है कहां मंजिल
प्यार करो किसी से तो प्यार दिल से करना
साथ छूटा अगर तो, मिलती है कहां मंजिल
मंजिल की खातिर तो सभी करते हैं कोशिश
कोशिश नहीं की तो, मिलती है कहां मंजिल
ये मोहब्बत का सफर भी आसां नहीं इतना
सफर पूरा न हो तो, मिलती है कहां मंजिल
प्यार की राह में यह भटकाव बहुत हैं यादव
गर भटके न राहों में मिलती है कहां मंजिल
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







