हमारे बीच के रिश्ते में उनको मेरी मौजूदगी से परहेज होने लगी है,
इसलिए वहाँ से मुस्कुरा कर चले जाना ही बेहतर है,
बहुत जरूरी तो नहीं हूँ मैं उनके लिए,
पर एक दिन उन्हें मेरी जरूरत जरूर महसूस होगी
----धर्म नाथ चौबे मधुकर

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
हमारे बीच के रिश्ते में उनको मेरी मौजूदगी से परहेज होने लगी है,
इसलिए वहाँ से मुस्कुरा कर चले जाना ही बेहतर है,
बहुत जरूरी तो नहीं हूँ मैं उनके लिए,
पर एक दिन उन्हें मेरी जरूरत जरूर महसूस होगी
----धर्म नाथ चौबे मधुकर
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