माता पिता के साथ रहकर ही आपने,
हकीकत की दुनिया देखी है,
उनके साथ जो जिंदगी जी है,
वही आपकी मूल जिंदगी थी,
उनसे दूर होने के बाद,
आपने वास्तविक हिसाब देखा है,
जो सबसे पेचीदा है,
ईश्वर के दर्शन या अनुभूति,
माँ बाप के पूर्ण रुप में है,
बाकी आप कभी भी ईश्वर को नहीं समझ पाओगे,
माता पिता के बच्चे होने के बाद,
उनमें असीम शक्ति और धैर्य पैदा होता है,
वही ईश्वर की उपस्थिति है,
बाकी अकेले में कुछ नहीं है,
आप निरर्थक है।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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