● मेरी बेटी..
मेरा गर्व, मेरा संतोष
और मेरा सारा सुकुन है मेरी बेटी…!!!
मेरी दुनिया की पहचान मेरी बेटी, मेरी जान, मेरा मान-सम्मान है…
मेरी आन, बान और शान है।
मेरे जीवन का अनमोल रत्न है तू,
हर अँधेरे में जलती उजली किरण है तू।
तेरे होने से सपनों को पंख मिले,
मेरी हर दुआ में तेरे ही रंग खिले।
परी-सी मुस्कान, आँखों में उजियारा,
तेरे कदमों में बसता है भविष्य सारा।
हौसलों से चलना, सच का दामन थाम,
तेरी मेहनत लिखेगी सफलता का नाम।
ईश्वर से बस इतनी दुआएँ है मेरी,
तेरी राहों में खुशियाँ हों सदा घनी।
यश, वैभव, सम्मान से भरा हो तेरा संसार,
हँसता रहे जीवन, न हो कोई दरार।
जन्मदिन पर तुझको ये आशीष मिले,
हर स्वप्न तेरे साकार खिले।
मेरी बेटी, मेरी शान, मेरा अभिमान..
तू सदा यूँ ही चमकती रहे, आसमान… 💞💐😊
मेरी बेटी मेरे जीवन का
अनमोल ख़ज़ाना है।
उसके अस्तित्व से मेरा संसार और भी सुंदर,
और भी अर्थपूर्ण बना है…
परी बेटा,
तू हमेशा साहस, आत्मविश्वास
और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ती रहे।
तेरी मेहनत और तेरे गुण
तेरे जीवन को सफल, समृद्ध
और आनंदमय बनाएँ
तुझे जन्मदिन की
ढेर सारी शुभकामनाएँ…
यही ईश्वर के चरणों में मेरी प्रार्थना है।
कवि—
डॉ. प्रदीपकुमार कळसकर–सर..✒️
94231 90134


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
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