मानव-मानव का दुश्मन क्यों है?
सरल-सा जीवन दुर्लभ क्यों है?
जाति, धर्म, संप्रदाय की उलझन में
हर एक व्यक्ति उलझा क्यों है?
समाज में विद्रूपता का बढ़ता तांडव,
संवेदनाओं का अभाव-सा क्यों है?
सृष्टि में जो सबसे श्रेष्ठ है मनुष्य,
नैतिकता से वह रिक्त-सा क्यों है?
हाड़-मांस से निर्मित यह मानव,
स्वयं का बैरी स्वयं ही क्यों है?
— डॉ फौज़िया नसीम शाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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