मौन तपस्वी
शिवानी जैन एडवोकेट
धूप सहता, बारिश सहता, खड़ा खामोश किनारे पर,
पेड़ ही है जो टिका हुआ, जीवन के इस पतवारे पर।
फल देता है पत्थर खाकर, छाया देता सबको समान,
उम्मीद का ये सच्चा प्रतीक, सिखाता हमको है बलिदान।
जहाँ पेड़ हैं, वहां दुआ है, वहां खुदा का वास है,
तपती हुई हर रूह की, बुझती यहीं पे प्यास है।
एक बीज में छुपकर बैठा, कल का घना जंगल है,
पेड़ लगाओ कदम-कदम पर, तभी जगत का मंगल है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







