लक्ष्य
हम सभी अपने जीवन में कुछ लक्ष्यों को निर्धारित करते है
या अपने जीवन से कुछ आशा रखते है पर किसी भी लक्ष्य को पाना आसान नहीं होता है
यह मां के हाथों से परसी भोजन थाल नहीं है जिसे आप खुश होकर पा लेते है
वरन सही दिशा में सुनियोजित रणनीति के साथ परिश्रम करने की आवश्यकता होती है
हो सकता है जब आप लक्ष्य प्राप्ति की साधना में लगे हो तब परिस्थितियां
आप के अनुकूल ना हो आपके अपने कठिन समय में आपके अपने आपका साथ ना दे उस समय धैर्य को धारण कर अनवरत रूप से अथक परिश्रम करते रहना चाहिए
जिससे आप अपने लक्ष्य को निश्चय ही प्राप्त कर लेंगे !
✍️ अर्पिता पाण्डेय


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







