सुनो मेरे प्यारे बच्चो मेरी एक कहना
आँखें खुली पहले ईश्वर का नाम लेना
जीव प्राणी वो ब्रह्मांड उसने बनाया है
यूहीं जन्म नहीं दिया है ज़रूर सोचना
ज़रूरी नहीं कि तुम्हारे माता पिता सिखाए
कुछ लोग होते हैं मौज मस्ती में दीवाना
तुम क्या बनना चाहते तुम्हे सोचना होगा
सब कुछ उसका है मेहनत से कुछ मिलेगा
झूठ बोलना धोका देना खुद का हानि होता
वह सब कुछ देख रहा है ज़रा ध्यान रखना
बहके हुवे दोस्तों के बहकावे में न पड़ना कभी
थोड़ी देर की मनोरंजन आ जीवन बर्बादी है
जीवन खुदको संवारना होता है बुद्धि प्रयोग से
मस्तिक के सही प्रयोग से सब दिल खुश होते
दिल दुखे तुम्हारे ब्यवहार से दूसरे का शुभ नहीं होता
पूजा से वे खुश नहीं प्राणी हिफाज़त सफ़लता है
वसी अहमद क़ादरी । दरवेश । लेखक । कवि ।
पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







