तुम्हारी ही शिकायत, तुम्हीं से करनी है
कुछ खता कीजिए
रह रह कर बस, आहें भरनी है
कुछ खता कीजिए
आंखों से निकली तीर, कातिलाना रहे
दिल को अपनी, थोड़ी घायल करनी है
कुछ खता कीजिए
पास बुलाकर, हो जाना, कहीं ओझल
दबे पांव, इधर उधर, तलाश करनी है
कुछ खता कीजिए
छिपकर कहीं से, चूड़ियां खनकाओ
खोजनी भी है, और,तड़पनी है
कुछ खता कीजिए
बस, यूं ही सनम, करें हम पर सितम
तलब है कि,बस, ऐसे ही जानी है
कुछ खता कीजिए
कुछ तो,खता कीजिए।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







