खुश हो मन से, न उदास रहीं।
( भोजपुरी)
खुश हों मन से न उदास रहीं।
खुशहाल रहीं मुसकात रहीं।
कुछ गीत रचीं कुछ गाय चलीं।
खुद भी सुनि लोग सुनाय चलीं।
सबके हिय के बन खास रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
जग में इह जीवन व्यस्त चले।
निज कारज में मद मस्त चले।
हँस के चलि औउ हँसाय चलीं ।
सब में छवि आप बसाय चलीं।
जँह लोग मिले मिल पास रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
भगवान कईल,इहां सब बा।
लख के त कहीं,कहां दब बा।
बस याद करीं नित ईश्वर के ।
सब में हिं बसे परमेश्वर के।
उनके कर संगत साथ रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
-'प्यासा'
© विजय कुमार पाण्डेय 'प्यासा'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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