उन्हें ख़बर तो बहुत पहले से थी हमारी तबियत नासाज का..
मगर वो अभी किसी के ज़िद पे आई है,
उन्हें दौलत का गुरुर तो इतना है कि वो
दुआ भी हमारे लिए खरीदकर लायी है...!!
---- कमलकांत घिरी

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
उन्हें ख़बर तो बहुत पहले से थी हमारी तबियत नासाज का..
मगर वो अभी किसी के ज़िद पे आई है,
उन्हें दौलत का गुरुर तो इतना है कि वो
दुआ भी हमारे लिए खरीदकर लायी है...!!
---- कमलकांत घिरी
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