कविता : सब से बड़ा मूर्ख....
आदमी जिंदा सांपों को
डंडे से कूटता है
फिर उसी सांपों के तस्वीर को
फूल से पूजता है
अगर ध्यान से सोचा जाए
तो ऐसा लगता है
आदमी से मूर्ख और कोई भी
नहीं हो सकता है
आदमी से मूर्ख और कोई भी
नहीं हो सकता है.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







