कविता : लोकतंत्र भी समान नहीं....
वैसे लोकतंत्र किस देश में
कहां पर समान होता है ?
जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र भी देश
के लिए नुकसान होता है
जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र भी देश
के लिए नुकसान होता है.......
netra prasad gautam

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
कविता : लोकतंत्र भी समान नहीं....
वैसे लोकतंत्र किस देश में
कहां पर समान होता है ?
जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र भी देश
के लिए नुकसान होता है
जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र भी देश
के लिए नुकसान होता है.......
netra prasad gautam
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम