कुछ दिल आगाज़ नहीं करते,
किसी ज़ख्म सिसकी को हँसा नहीं सकते,
पांव चलते हैं उजाले ला नहीं सकते,
विरह की कमी कोई जगा नहीं सकते।
छोटी जिंदगी नहीं है ना दुनियादारी निभा सकते हैं,
दर्द में दिल के धंधे अब बढ़ा नहीं सकते।
लंबे सफर में मत खो 'ललित' मोड़ अब राहें नहीं दिखा सकते,
कोई तुम्हें नहीं हाथ पकड़कर ले जा सकते पिता का साया हर हाथ में ला नहीं सकते।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







