क्या खोया है क्या पाया कुछ क़हना है मुश्किल
सीधे सादे लोगों का दुनियां में जीना है मुश्किल
आपकी हर बात का हिसाब रखते हैं संभालकर
बचके निकल जाये कोई भी सफीना है मुश्किल
दर्द भी देते हैं सनम तो अहसान करते हैं हम पर
दवा तो मिलती हैं लेकिन उसे पीना है मुश्किल
किसी की राह में पलकें बिछाये बैठे हुए हैं लोग
गुजरेँगे किस राह से वह कह सकना है मुश्किल
दास दिल की दास्तान अश्कों से बयां करते रहे
क्या उनको है खबर ये लिख सकना है मुश्किल. .


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







