जो झुकाता है सिर
डॉ. एच सी विपिन कुमार जैन" विख्यात"
जो झुकाता है श्रद्धा से सिर, हर हृदय में पाता है घर। छोटा हो या बड़ा, निर्धन या धनी, सबमें देखे मानवता की धनी।
वाणी में मधुरता, व्यवहार में शालीनता, दूसरों के दर्दों को भी पहचानता। मतभेद हों पर रखे आदर भाव, सम्मान की नींव पर टिकाए नाव।
नहीं करता गर्व अपने बड़ाई का, गुण देखे औरों की गहराई का। देता है महत्व हर एक विचार को, समझता है दुनिया के सार को।
ऐसा व्यक्ति ही जग में पूजित, सम्मान की वर्षा से है सिंचित। उसके लिए हर हृदय में है स्थान, मानवता का वह सच्चा निशान।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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