पढ़ न सके जो मौन को
कैसी निरक्षरता
होते हुए तुम्हारे
कैसी विवशता
अंतस से जा सकी न
पीड़ा और रिक्तता
जीवन से हो गई हो
जैसे विरक्ता।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
पढ़ न सके जो मौन को
कैसी निरक्षरता
होते हुए तुम्हारे
कैसी विवशता
अंतस से जा सकी न
पीड़ा और रिक्तता
जीवन से हो गई हो
जैसे विरक्ता।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद
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