आपके पास वक्त आपकी खुशी को व्यक्त करने को है,
या खुश रहने को है,
हमें क्या मिला,
हमें क्या पाना है,
हम बीच से गुजर रहे हैं,
इसलिए थोड़ी मुश्किलें,
जिंदगी को सही निगाह से जीने को,
और लगता है,
ये घनी माया कभी ठीक रहती,
कभी हमीं पर हावी है,
कभी हमें खुश रखती है,
कभी मायूस,
कभी शरारत,
कभी नजरंदाज।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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