एक बार परेशानी लेना बंद कर दो,
कितना ही जरूरी हो पर परेशान होना बंद कर दो,
क्योंकि परेशानी कोई आपको सबक नहीं सिखाती बल्कि,
आपका इस्तेमाल करती है,
आपका समय बर्बाद करती है,
कोई भी जरूरी कर्म आपके जीवन से बड़ा नहीं है,
आपको बुरा लगेगा,
मगर सही कह रहा हूं,
ये जीवन जहां स्वतंत्र होकर सोच सकते,
हम अपने कर्म और कर्तव्य को करने का,
फैसला ले सकते हैं,
वहां परेशान मत होइए,
जीवन के दिन रात गुजरने के बाद मत पछताइएगा,
जीवन जीने के लिए जरूरी कदम उठाए,
ना कि जरूरी कर्म के लिए जीवन बर्बाद किया जाए,
अंततः सब आपका इस्तेमाल ही करते हैं,
इसलिए अपने जीवन को अपना ही समय दीजिए,
ना किसी का समय बर्बाद करें,
ना ही अपना समय बर्बाद करें,
सिर्फ अपनापन अपने जीवन के लिए रखें,
नहीं तो मौन और मौत से पहले आपको पछतावा ही रहेगा।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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