दुनिया बदल जायेगी जरा भरोसा रखो।
तुम अपने पुराने किस्सो को जिंदा रखो।।
जवानी को धुआँ होने दो इन हरकतो से।
ढलती हुई दीवारों को जरा शर्मिंदा रखो।।
अंधेरों से अगर बग़ावत का अंदेशा लगे।
तो दहलीज पर जलता हुआ दिया रखो।।
आँखों में सजाये थे जो ख्वाबों के महल।
हर ख्वाब में अपने महबूब को जिंदा रखो।।
आहों का सफर खत्म नही होगा 'उपदेश'।
बस नज्म के तेवर को हो सके जिंदा रखो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







