इश्क़ की रुसवाई में, हम तन्हा तन्हा रहते,
बेपनाह प्यार का, इल्ज़ाम अपने सर लेते,
फिज़ाओं में बहती रहती, दुनिया हमारी,
कुछ ये फ़साना, हम भी जरूर कर लेते,
निर्मल जल की कीमत, तुम क्या जानोगे,
कुछ अच्छे इरादे, अपने दिल से कर लेते,
वेश बदलकर कौन आया है, यहां सुप्रिया,
जिंदगी की इस मार से, थोड़ा हम बच लेते,
कमबख्त अब वक्त ही धोखेबाज निकला,
वरना हम तो आपसे प्यार कर लेते...।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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