हम बराबर उनसे धोखा खाते रहे हैं,
फिर भी हम उनसे मिलते रहे हैं,
यह दिल का सवाल है जनाब, इसलिए हम धोखा खा रहे हैं,
फिर भी वो कहते रहे हैं, मुझे,
मेरे दिल में आपका कोई जगह नहीं ले सकता,
----धर्म नाथ चौबे 'मधुकर'

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
हम बराबर उनसे धोखा खाते रहे हैं,
फिर भी हम उनसे मिलते रहे हैं,
यह दिल का सवाल है जनाब, इसलिए हम धोखा खा रहे हैं,
फिर भी वो कहते रहे हैं, मुझे,
मेरे दिल में आपका कोई जगह नहीं ले सकता,
----धर्म नाथ चौबे 'मधुकर'
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