जिस-जिस ने दिया ज़ख़्म उन सबसे किनारा कर लिया
राहें थी सूनी मगर मैंने किसी से सहारा न लिया
ये छोटी बात नहीं ख़ुद हीं ख़ुद को समझाना
कठिन था दिन गुज़ारना मगर गुज़ारा कर लिया

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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जिस-जिस ने दिया ज़ख़्म उन सबसे किनारा कर लिया
राहें थी सूनी मगर मैंने किसी से सहारा न लिया
ये छोटी बात नहीं ख़ुद हीं ख़ुद को समझाना
कठिन था दिन गुज़ारना मगर गुज़ारा कर लिया
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