अगर किसी जख्म को भरा जाता है,
तब भी वह खोखला और पीड़ादायक है,
ज़ख्म को भरने से पहले,
उसमें वो आधार को रखना है,
जिसके के लिए वो जख्मी हुआ है,
ऐसी पूँजी जो उसके काम आए,
और किसी प्राणी को पहली बार जब जख्म लगता,
तो एक ही आधार रखना चाहिए,
ये नई परिस्थिती है,
इसको देखों,
इसमें अपने हिस्से का योगदान देकर आगे बढ़ो,
ये नया है,
पर आगे नया नहीं है,
इसलिए नए के लिए तैयार रहो,
और हमेशा तैयार रहो,
जन जीवन इस संसार काल रस में भले खो जाएँ,
पर तुम नहीं,
बस आगे बढ़ो,
नए रहो,
किसी को पकड़ो मत। ।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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