"दर्द का एक दुश्मन मैं ही निकला,
बोलता है और सब अजनबी हैं।"
"खून की एक बूंद भी तराशी जाएँ,
कोई दुआ ग़म से भी पहले मांगी जाएँ।"
"एकान्त होना जरूरी है,
जरूरी नहीं एकान्त में हो।"
"इंसानियत और इंसान कहाँ रह गए,
बाकी सब तो है।"
"आप परेशान हैं,
कोई बात नहीं,
वो तो सब होते हैं।"
"लोगों की पसंद तो आपकी कब्र है,
उनके लिए ये कब्र नई खोज है,
उनसे उनकी कहानी आगे बढ़ती है,
ये जिंदगी आपकी हैं ,
सारी समझ इसको खोने में मत लगाओ।"
"अकेलापन समझ में आता है,
जब अकेले कोई काम शुरू करते हो।"
"एक दिन समझ में आता है,
साथ तो है,
साथी सिर्फ कोई कोई ही बनता है।"
" चलो चलते हैं बहुत दूर,
देखते हैं किस किस के पास थे।"
"बात करिए,
दोनों के लिए जगह रखिए,
दोनों की क़दर कीजिए,
मुलाकात यही तो है।"
"स्त्री जब तक समझ में आती है,
तब तक वह अपना नया रूप बदल लेती है।"
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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